
देहरादून:उत्तराखंड की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में आगामी 27 और 28 अक्टूबर को उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को ध्यान में रखते हुए इस सत्र के आयोजन का फैसला लिया है।

हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में विधानसभा सत्र के आयोजन को मंजूरी दी गई थी और तिथि व स्थान तय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया था। इसके बाद अब अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में इस सत्र का आयोजन होने जा रहा है।
चुनावी वर्ष में पहाड़ पर सियासी हलचल तेज
उत्तराखंड में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गैरसैंण का यह सत्र बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। धामी सरकार के इस मौजूदा कार्यकाल में गैरसैंण में आयोजित होने वाला यह छठवां विधानसभा सत्र होगा। सरकार इस सत्र के जरिए चुनावी साल में पहाड़ के चहुंमुखी विकास, क्षेत्रीय आकांक्षाओं और विकेंद्रीकृत शासन का एक मजबूत संदेश देने की तैयारी में है।
विपक्ष की घेराबंदी और सियासी दांव-पेंच
चूंकि चुनाव नजदीक हैं, इसलिए सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही दलों के विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन पटल पर जोर-शोर से रखने के लिए तैयार हैं। विपक्ष भी चुनाव से ठीक पहले जनता से जुड़े इन ज्वलंत सवालों पर सरकार को घेरने की रणनीति तैयार कर रहा है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि 5 साल की सियासत का हिसाब-किताब तय करने के लिए यह सत्र दोनों ही पक्षों के लिए अपनी सियासी पारी चमकाने का आखिरी बड़ा मौका साबित होगा।
प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा के कड़े इंतजाम शुरू
सत्र की तारीखें नजदीक आते ही शासन स्तर पर भराड़ीसैंण (गैरसैंण) विधानसभा भवन में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए जा चुके हैं। सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और बिना वैध पास के किसी को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।




