आस्था का अनूठा समागम: कनखल से हरकी पैड़ी तक पहली बार निकली भव्य दंडवत यात्रा

धर्मनगरी हरिद्वार में पहली बार निकली दंडवत यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनी हुई है. कनखल स्थित दक्षेश्वर मंदिर से सुबह शुरू हुई यह यात्रा रात तक लगातार जारी रही. देशभर से पहुंचे हजारों महिला और पुरुष श्रद्धालु जमीन पर लेटकर दंडवत करते हुए करीब 4 किलोमीटर की दूरी तय करके हरकी पैड़ी की ओर बढ़ रहे हैं. यात्रा का क्रम रातभर जारी रहेगा और शनिवार को भी श्रद्धालु दंडवत करते हुए आगे बढ़ेंगे. कल हरकी पैड़ी पर सफाई अभियान चलाया जाएगा और शाम को भव्य गंगा आरती होगी.
नया अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज के सानिध्य में निकाली जा रही इस यात्रा का शुभारंभ बीती रोज कनखल स्थित दक्ष मंदिर में भगवान शिव के रुद्राभिषेक और विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद हुआ. इसके बाद करौली शंकर महाराज ने यात्रा को रवाना किया. यात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु शामिल हैं. महिलाएं और पुरुष सड़क पर जमीन पर लेटकर दंडवत करते हुए आगे बढ़ रहे हैं. यह यात्रा हरिद्वार में पहली बार निकली है.
वहीं हरिद्वार में बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था कम नहीं हुई. बारिश के बीच भी यात्रा का क्रम जारी रहा. दक्ष मंदिर से शुरू हुई यात्रा का रूट शंकराचार्य चौक, तुलसी चौक और अपर बाजार होते हुए हरकी पैड़ी तक तय किया गया है. आयोजकों ने यात्रा में हजारों हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई थी. यात्रा को पूरा करने में करीब 30 से 35 घंटे का समय निर्धारित किया गया है. ऐसे में शुक्रवार सुबह शुरू हुई यात्रा शनिवार तक जारी रहेगी.
करौली शंकर महाराज ने बताया कि दंडवत यात्रा का उद्देश्य देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ भारतीय सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं का प्रचार प्रसार करना है. इसके माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि पूर्व में उत्तर प्रदेश में भी उनके द्वारा दंडवत यात्रा निकाली जा चुकी है, जिसे पूरा करने में सात महीने का समय लगा था.
हरिद्वार में निकाली जा रही यात्रा के माध्यम से आगामी कुंभ मेले के सफल और निर्विघ्न आयोजन के लिए भी श्रद्धालु प्रार्थना की गई है. शनिवार को हरकी पैड़ी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं की ओर से सफाई अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद शाम को गंगा आरती में शामिल होकर मां गंगा की आराधना की जाएगी.
यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए आयोजकों की ओर से एक हजार वालंटियर तैनात किए गए हैं, जो यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को नियंत्रित करने का कार्य कर रहे हैं. दक्षेश्वर महादेव मंदिर में कई साधु संत उपस्थित रहे. रास्ते में कई जगहों पर श्रद्धालुओं का फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया.




