उत्तराखंड

हरिद्वार कांवड़ मेला में 10 फीट से ऊंची झांकी पर रोक, त्रिशूल, भाला और तलवार जैसे हथियारों पर भी प्रतिबंध

धर्मनगरी हरिद्वार में 30 जुलाई से शुरू होने वाले कांवड़ मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. 30 जुलाई से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हरिद्वार पुलिस ने शिवभक्तों के लिए एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सामान्य कांवड़ की ऊंचाई 6 फीट और कांवड़ झांकी की ऊंचाई 10 फीट से अधिक नहीं होनी चाहिए. इससे अधिक ऊंचाई होने पर विद्युत लाइनों से टकराने जैसी दुर्घटनाओं की आशंका रहती हैय

इसके साथ ही पुलिस ने कांवड़ यात्रा में जुगाड़ वाहन, रेट्रो साइलेंसर, त्रिशूल, भाला, तलवार, बेसबॉल का डंडा और अन्य किसी भी प्रकार के हथियार लाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया है. इसके अलावा शराब या किसी भी प्रकार के नशे की हालत में यात्रा में शामिल होने पर भी कार्रवाई की जाएगी.

गौरतलब है कि पिछले कांवड़ मेले में करीब चार करोड़ कांवड़िए गंगाजल लेने हरिद्वार आए थे. इस बार अनुमान है कि चार करोड़ से भी ज्यादा कांवड़िए हरिद्वार पहुंचेंगे. इसलिए पुलिस के लिए कांवड़ मेला बड़ी चुनौती बना हुआ हैं. कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए हरिद्वार पुलिस ने कई बड़े फैसले लिए हैं.

एसएसपी ने ट्रेन से आने वाले श्रद्धालुओं को चलती ट्रेन की छत या अन्य असुरक्षित स्थानों पर यात्रा न करने की चेतावनी भी दी गई है. ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी. उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान आपसी विवाद, मारपीट या तनाव से बचने और पुलिस प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हो सके.

एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने कहा कि हरिद्वार पुलिस और जिला प्रशासन कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्य वस्थित और सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. पुलिस और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि सभी श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित संपन्न हो सके. गौरतलब है कि आगामी 31 जुलाई को कांवड़ मेला शुरू होगा और 11 अगस्त को सावन माह की शिवरात्रि पर इसका समापन होगा. पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन मेले की तैयारी में जुटा हुआ है. कांवड़ मेले के लिए करीब 21 करोड़ के बजट की डिमांड की गई है. उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ भी समन्वय बनाया जा रहा है.





Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button