देहरादून: भारी बारिश के बीच स्वारना नदी में फंसे UPES के 6 छात्र, SDRF ने 6 KM पैदल ट्रैकिंग कर बचाया

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज के बीच राजधानी देहरादून से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ भारी बारिश के दौरान स्वारना नदी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए गए UPES (यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज) के 6 छात्र अचानक नदी का जलस्तर बढ़ने से फंस गए। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) ने तत्परता दिखाते हुए एक बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।ट्रैकिंग के दौरान अचानक बढ़ा नदी का जलस्तरमिली जानकारी के मुताबिक, UPES के 6 छात्र देहरादून के स्वारना नदी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान पहाड़ों में हुई तेज बारिश की वजह से स्वारना नदी का जलस्तर अचानक बेहद बढ़ गया। पानी की रफ्तार और उफान इतना तेज था कि छात्रों की वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
घने जंगल और उफनती नदी के बीच फंसे छात्रों ने तुरंत मदद की गुहार लगाई।SDRF डाकपत्थर टीम ने चलाया 6 किलोमीटर का दुर्गम रेस्क्यूघटना की सूचना मिलते ही SDRF डाकपत्थर की रेस्क्यू टीम तुरंत आवश्यक उपकरणों के साथ मौके के लिए रवाना हुई। रात का वक्त, घने जंगल, दुर्गम पहाड़ी रास्ता और नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती था।चुनौतियों की परवाह न करते हुए SDRF के जांबाज जवानों ने करीब 6 किलोमीटर की कठिन पैदल ट्रैकिंग की। कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने नदी पार फंसे सभी 6 छात्रों तक पहुंच बनाई और उन्हें बेहद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर बाहर निकाला।

सभी छात्र सुरक्षित, पुलिस को सौंपा
SDRF ने सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद सभी छात्रों को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। प्राथमिक जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सभी छात्रों की हालत सामान्य है और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। समय रहते मिली सूचना और SDRF की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
SDRF की अपील: मौसम देखकर ही बनाएं प्लानइस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद SDRF ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से विशेष अपील की है। SDRF के अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। इसलिए:भारी बारिश के दौरान नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास बिल्कुल न जाएं।पहाड़ों या जंगली रास्तों पर ट्रैकिंग का प्लान बनाने से पहले मौसम विभाग का पूर्वानुमान (Weather Forecast) ज़रूर चेक करें।किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा कंट्रोल रूम को सूचित करें।




