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उत्तराखंड में बिजली विभाग की लापरवाही का तांडव: 2 दिन में 4 मौतें, ऋषिकेश के बाद हल्द्वानी में भी करंट से पिता-पुत्री की दर्दनाक मौत

देहरादून/हल्द्वानी। उत्तराखंड में बिजली विभाग की घोर लापरवाही मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ रही है। प्रदेश में पिछले दो दिनों के भीतर करंट की चपेट में आने से दो अलग-अलग परिवारों के चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। ऋषिकेश में एक तड़पते हुए तार की चपेट में आने से मां और उनकी 3 साल की मासूम बेटी की मौत के बाद, अब हल्द्वानी से भी ऐसी ही दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ करंट की चपेट में आने से पिता और उनकी बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। इन दोनों घटनाओं के बाद से मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।

पहला हादसा (हल्द्वानी): पिता और बेटी की तड़पकर मौतताजा मामला हल्द्वानी का है, जहां बिजली विभाग की लापरवाही ने हंसते-खेलते परिवार को तबाह कर दिया। जानकारी के मुताबिक, इलाके में फैले बिजली के तारों में अचानक करंट उतर आया। इसकी चपेट में आने से पिता और उनकी बेटी बुरी तरह झुलस गए। मौके पर मौजूद लोग जब तक कुछ समझ पाते और उन्हें बचाने की कोशिश करते, तब तक दोनों की सांसें टूट चुकी थीं। एक ही घर से पिता और बेटी की अर्थी उठने की खबर से पूरे इलाके में मातम पसरा है।

 

दूसरा हादसा (ऋषिकेश): मां और 3 साल की मासूम की गई जानइससे ठीक एक दिन पहले ऋषिकेश में भी ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ था। यहाँ बिजली की मुख्य लाइन का तार टूटकर गिरा हुआ था, जिसकी चपेट में आने से एक महिला और उनकी महज 3 साल की मासूम बच्ची की तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जर्जर तारों की शिकायत कई बार विभाग से की गई थी, लेकिन अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाजा दो मासूम जिंदगियों को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा।स्थानीय जनता में भारी आक्रोश.

बिजली विभाग पर उठे सवाल

इन दोनों बैक-टू-बैक हादसों ने उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड में मानसून और भारी बारिश के सीजन में अक्सर जर्जर तारों और खंभों से करंट उतरने की शिकायतें आती हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बिजली विभाग की सुस्ती और समय पर मेंटेनेंस न होने के कारण ये हत्या जैसी लापरवाही सामने आ रही है। ग्रामीणों और परिजनों ने दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की है।

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