
नई दिल्ली/देहरादून: उत्तराखंड के ग्रामीण और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में धामी सरकार को एक और बड़ी सफलता मिली है। नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के बीच हुई बेहद महत्वपूर्ण बैठक में उत्तराखंड में ग्रामीण सड़क कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए ₹2,708 करोड़ के प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने पर सहमति बन गई है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण (PMGSY-IV) के तहत बनने वाली इन सड़कों और पुलों से देवभूमि के सुदूरवर्ती इलाकों की तस्वीर बदलने वाली है।

पहाड़ों में सिर्फ ‘रास्ता’ नहीं, ‘भाग्यरेखा’ हैं सड़कें: सीएम धामी
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमांत क्षेत्रों की चुनौतियों को केंद्रीय मंत्री के सामने रखा। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि:“उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में सड़क केवल आवागमन का जरिया नहीं है। यह हमारे गांवों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और स्थानीय आजीविका की जीवनरेखा (Lifeline) है। जब गांव सड़क से जुड़ेगा, तभी पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी दोनों राज्य के काम आएगी।”
इस मेगा प्रोजेक्ट से उत्तराखंड को क्या होंगे बड़े फायदे?
यह ऐतिहासिक फैसला उत्तराखंड के ग्रामीण विकास के लिए टर्निंग पॉइंट साबित होने वाला है:
- पलायन पर लगेगी रोक: गांवों तक पक्की सड़कें पहुँचने से बुनियादी सुविधाएं सुलभ होंगी, जिससे पहाड़ों से हो रहा पलायन थमेगा।
- स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाएं: सुदूरवर्ती क्षेत्रों के मरीजों और गर्भवती महिलाओं को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुँचाना बेहद आसान हो जाएगा।
- ‘होमस्टे’ और ग्रामीण पर्यटन को पंख: उत्तराखंड के कई अनछुए, खूबसूरत गांव अब तक रास्तों के अभाव में पर्यटकों की नजरों से दूर थे। कनेक्टिविटी सुधरने से रूरल टूरिज्म बढ़ेगा और युवाओं को घर पर ही रोजगार मिलेगा।
- किसानों की चमकेगी किस्मत: सेब, राजमा, जड़ी-बूटी और स्थानीय फसलों को उगाने वाले काश्तकार अब बिना किसी झंझट के अपनी उपज को सीधे बड़ी मंडियों तक पहुँचा सकेंगे, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा।
केंद्र और राज्य के ‘डबल इंजन’ से बढ़ रहा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील और त्वरित फैसले के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का दिल से आभार जताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से ही आज उत्तराखंड के सीमांत और दुर्गम क्षेत्रों तक विकास की किरण पहुँच पा रही है। राज्य सरकार इन सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




