धामी कैबिनेट में 26 प्रस्तावों पर लगी मुहर, अनुपूरक बजट को भी मिली मंजूरी

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में धामी कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विकास, युवाओं की शिक्षा, खिलाड़ियों के प्रोत्साहन और जन कल्याण से जुड़े कुल 22 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने समाज के हर तबके को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक और बड़े फैसले लिए हैं।
आइए जानते हैं धामी कैबिनेट के वो बड़े फैसले, जो सीधे जनता को राहत देंगे:
🌟 आज के फैसले के बड़े आकर्षण (Key Highlights)
* मुफ्त रोडवेज सफर की सौगात: राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर मेडल या पुरस्कार जीतने वाले उत्तराखंड के खिलाड़ियों को अब उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की शानदार सुविधा मिलेगी।
* फ्री कोचिंग के लिए आय सीमा में बंपर बढ़ोतरी: समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के होनहार छात्रों को मिलने वाली मुफ्त कोचिंग की पात्रता बदल गई है। अब परिवार की सालाना आय सीमा को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 8 लाख रुपये कर दिया गया है।
* दिव्यांग छात्रों को तोहफा: दिव्यांग बच्चों को पढ़ाई में संबल देने के लिए उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं में 5 अंकों की विशेष छूट दी जाएगी।
* निराश्रित और दिव्यांगों को सुरक्षा: राज्य की निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के आर्थिक व सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कैबिनेट ने विशेष कल्याणकारी राहत प्रस्तावों को मंजूरी दी है।
🎓 शिक्षा और बाल विकास: अब उत्तराखंड में ही मिलेगी वर्ल्ड क्लास एजुकेशन
* हरिद्वार में खुलेंगी 2 नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी: उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश को हब बनाने के लिए हरिद्वार में ‘आरोग्यम विश्वविद्यालय’ और ‘बीएएमएस (BAMS) विश्वविद्यालय’ नाम से दो नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना को हरी झंडी दे दी गई है।
* बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा: ऊधम सिंह नगर जिले के राजकीय आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय को अपग्रेड कर अब हाई स्कूल का दर्जा दे दिया गया है।
* स्कूली बच्चों के लिए आधुनिक सेंट्रल किचन: पीएम पोषण योजना के तहत ‘अन्नामृत फाउंडेशन’ को हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में आधुनिक सेंट्रल किचन (केंद्रीय रसोई) बनाने के लिए जमीन आवंटित की जाएगी।
* डाइट (DIET) का कायाकल्प: जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) के मौजूदा ढांचे को नए सिरे से पुनर्गठित किया जाएगा।
🏃♂️ खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर: ग्राउंड लेवल पर बदलेगी तस्वीर
* हर जिले में तैनात होंगे ‘चीफ स्पोर्ट्स कोच’: खेलों में उत्तराखंड का डंका बजाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले में मुख्य खेल प्रशिक्षक तैनात किए जाएंगे, जो जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को तराशेंगे।
* सड़क और पुल निर्माण के लिए ‘सिंगल विंडो’ क्लियरेंस: अब राज्य में पुल और सड़कों के निर्माण के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सारा काम एक ही स्वीकृति (Single Approval) से पूरा हो जाएगा। इससे विकास कार्यों की रफ्तार दोगुनी हो जाएगी।
⚖️ प्रशासनिक और कानूनी सुधार
* समान नागरिक संहिता (UCC) में संशोधन: समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को पूरी तरह स्पष्ट और सटीक बनाने के लिए इसमें कुछ लिपिकीय त्रुटियों (Clerical Errors) को सुधारने के संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
* इतिहास की भूल सुधरी, अब कहलाएंगे ‘जौनसारी’: उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम 2000 की जनजाति सूची में टाइपिंग की गलती से दर्ज शब्द ‘जन्नासारी’ को सुधारकर अब आधिकारिक रूप से ‘जौनसारी’ कर दिया गया है।
* कर्मचारियों को मिला हक: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह-ग और समूह-घ के कर्मचारियों के लिए नई सेवा नियमावली मंजूर की गई है। इसके साथ ही उरेड़ा (UREDA) का पुनर्गठन होगा और जूनियर इंजीनियर (JE) के पद अपग्रेड किए जाएंगे।
* वन टाइम सेटलमेंट योजना: स्टांप ड्यूटी से जुड़े पुराने विवादों और वादों को फटाफट निपटाने के लिए सरकार ‘वन टाइम सेटलमेंट योजना’ लेकर आई है।
* विधेयक और रिपोर्ट: उत्तराखंड विधि संशोधन विधेयक 2026 को कानून के रूप में लागू करने की मंजूरी दी गई, और उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वार्षिक रिपोर्ट (2019-22) को विधानसभा पटल पर रखने की अनुमति मिल गई है।




