
उत्तराखंड के घने जंगलों और पहाड़ों के बीच एक ऐसी जगह है, जहाँ कदम रखते ही नास्तिक भी ‘जय हनुमान’ चिल्लाने लगता है। हम बात कर रहे हैं बाबा नीम करोली के कैंची धाम की। यह सिर्फ एक मंदिर नहीं है, बल्कि साक्षात चमत्कारों का वो लाइव अड्डा है, जिसने ठप पड़ चुके ‘एप्पल’ (Apple) और ‘फेसबुक’ (Facebook) के साम्राज्य को दोबारा खड़ा कर दिया।आइए जानते हैं इस चमत्कारी धाम की वो अनसुनी कहानियां, जो आपके रोंगटे खड़े कर देंगी।
1. कड़ाही में उबलता पानी… और बन गया ‘शुद्ध देसी घी’!यह कहानी आज भी विज्ञान के गाल पर एक तमाचा है। एक बार धाम में महाभंडारा चल रहा था। हज़ारों लोग कतार में थे, तभी अचानक पूरियाँ तलने के लिए देसी घी खत्म हो गया। हलवाई और सेवादार डर के मारे कांपने लगे।वे भागते हुए बाबा नीम करोली के पास गए। बाबा ने शांति से कंबल ओढ़ा और कहा— “चिंता क्यों करते हो? नीचे बहती नदी से दो कनस्तर पानी भरकर लाओ और कड़ाही में डाल दो।”लोगों को लगा बाबा मज़ाक कर रहे हैं, लेकिन जैसे ही नदी का पानी खौलती कड़ाही में डाला गया, वहाँ मौजूद लोगों की आँखें फटी की फटी रह गईं। पानी से शुद्ध देसी घी की महक आने लगी थी! वह पानी साक्षात घी बन चुका था।
2. जब बाबा ने बादलों को दे दिया ‘स्टे ऑर्डर’एक बार कैंची धाम में भारी उत्सव था और अचानक काले घने बादलों ने आसमान को घेर लिया। मूसलाधार बारिश होने ही वाली थी, जिससे पूरा भंडारा बर्बाद हो जाता। भक्तों में खलबली मच गई।तभी बाबा ने आसमान की तरफ देखा और चिल्लाकर कहा— “रुको! अभी भक्तों को खाने दो।” चमत्कार देखिए, पूरे इलाके में भयंकर बारिश हुई, लेकिन कैंची धाम के ऊपर एक बूंद पानी भी नहीं गिरा। ऐसा लगा जैसे बादलों को किसी अदृश्य शक्ति ने रोक रखा हो।
3. दो अजनबी लड़के… जिन्होंने कैंची धाम आकर बदली पूरी दुनिया!आज आप और हम जो आईफोन (iPhone) इस्तेमाल कर रहे हैं और जिस फेसबुक (Facebook) पर स्क्रॉल कर रहे हैं, उसका कनेक्शन इसी धाम से है:स्टीव जॉब्स का चमत्कार: 1974 में एक 19 साल का अमेरिकी लड़का, जिसके पास न पैसे थे, न भविष्य का कोई ठिकाना, भटकते हुए कैंची धाम पहुंचा। यहाँ की मिट्टी को छूते ही उसके दिमाग में एक ऐसा आइडिया आया जिसने आगे चलकर Apple कंपनी की नींव रखी।जुकरबर्ग की वापसी: साल 2015 में जब फेसबुक डूबने की कगार पर था, तब स्टीव जॉब्स की सलाह पर मार्क जुकरबर्ग चुपचाप पैंट-टीशर्ट पहनकर कैंची धाम आए। यहाँ उन्होंने बाबा के कमरे में वक्त बिताया और जब वापस लौटे, तो फेसबुक (Meta) आज दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी बन चुकी है।
4. कंबल वाले बाबा का रहस्यबाबा नीम करोली कोई तामझाम नहीं रखते थे। सिर्फ एक साधारण सा कंबल। लेकिन उनके पास बैठकर लोगों के मन के विचार अपने आप बदल जाते थे। वे बिना बताए जान लेते थे कि सामने वाले के दिल में क्या चल रहा है। आज भी जो कोई यहाँ सच्ची श्रद्धा से जाता है, उसकी हर बिगड़ी बात बन जाती है।





