देहरादून में पहली बारिश नहीं झेल पाया 16 करोड़ की लागत से बना पुल, 16 दिनों में क्षतिग्रस्त

पुल बनते ही हैं टूटने के लिए..हाल ही में फिर से बने देहरादून का प्रेमनगर वाले महत्वपूर्ण पुल की एप्रोच रोड टूट गयी। 16 करोड़ की लागत से बनाया गया था यह पुल। पिछली बरसात में टूट गया था।जिला पुलिस प्रशासन ने मौके पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। इस पुल की अप्रोच रोर टूटने से विकासनगर व हिमाचल जाने के लिए जनता को एक बार फिर वैकल्पिक मार्ग का सहारा लेना पड़ेगा।एप्रोच रोड के टूटने से निर्माण कार्य को कलई भी खुल गयी।
टौंस नदी पर स्थित नंदा की चौकी पुल (देहरादून–पांवटा साहिब मार्ग) का पुनर्निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे वाहनों की आवाजाही के लिए 12 जुलाई 2026 (रविवार) को सुबह 11 बजे खोल दिया गया था। लेकिन शुरुआती बरसात के सिर्फ 15 दिन में ही एप्रोच रोड ध्वस्त हो गयी।
प्रेमनगर में भारी वर्षा से पुल की एप्रोच रोड धंसी, मरम्मत कार्य शुरू; पुल पूरी तरह सुरक्षित-जिला प्रशासन, प्रेमनगर क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण पुल की एप्रोच रोड (पुल तक पहुंचने वाली सड़क) का एक हिस्सा धंस गया है। संबंधित विभाग के अनुसार पुल पूरी तरह सुरक्षित है तथा उसकी संरचना को कोई क्षति नहीं पहुंची है। मौके पर निरीक्षण के बाद एप्रोच रोड की मरम्मत एवं यातायात बहाली का कार्य शुरू कर दिया गया है।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में अतिवृष्टि, बादल फटना और अचानक आने वाली बाढ़ के कारण पुलों एवं सड़कों को समय-समय पर नुकसान पहुंचता रहा है। वर्ष 2008 में हल्द्वानी की गौला नदी पर बने आरसीसी बाईपास पुल का हिस्सा भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हुआ था। वर्ष 2012 में उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी में बादल फटने के बाद कई मोटर एवं पैदल पुल बह गए थे, जबकि चौरास (पौड़ी गढ़वाल) में निर्माणाधीन पुल ढहने से छह श्रमिकों की मृत्यु हुई थी। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा में रामबाड़ा पुल सहित अनेक पुल बह गए थे तथा राज्यभर में लगभग 147 पुल और 1,300 से अधिक सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं।
ऐसी परिस्थितियों में किसी भी घटना के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी देना आवश्यक है। प्रेमनगर की वर्तमान घटना में पुल सुरक्षित है और केवल एप्रोच रोड का हिस्सा धंसा है। इसलिए इसे “पुल टूट गया” बताना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है और इससे वास्तविक स्थिति को लेकर भ्रम उत्पन्न हो सकता है।
डीएम चौहान मौके पर रात्रि से हो रही है भारी वर्षा के जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान सुबह से ही फील्ड में जिलाधिकारी में प्रातः काल का नंदा की चौकी पुल के क्षतिग्रस्त अप्रोच वाल का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करते हुए 3 घंटे के अंदर एप्रोच वाल को रिस्टोर करने के निर्देश दिए ।
इसके उपरांत जिलाधिकारी में शहर से निरीक्षण करते हुए सोडा सरोली पहुंचे जहां पीएमजीएसवाई की वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए गए हैं वही मलबा आने से बंद थानों मार्ग को यातायात हेतु बहाल कर दिया गया है। जिलाधिकारी फील्ड में बने हुए हैं तथा वर्षा से क्षति का निरीक्षण कर रहे हैं।
धामी सरकार इस लापरवाही के लिए क्या फैसला करती है.. इंतजार रहेगा.. बीते कुछ साल में थानों रोड के तीनों पुल (लागत लगभग 55 करोड़) और रानीपोखरी के पुल का टूटना भी याद होगा।
(आम नागरिक सावधानी बरतें)




