
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह खेल नहीं बल्कि उनकी धार्मिक आस्था से जुड़ा एक विवाद है। सोशल मीडिया पर प्रेमानंद महाराज और विराट कोहली को लेकर फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा द्वारा किए गए दावों पर अब विराट कोहली की टीम (प्रवक्ता) ने चुप्पी तोड़ी है। कोहली के प्रवक्ता ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दिनेश शर्मा के आरोपों को पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है।
‘सभी दावे पूरी तरह से फर्जी और आधारहीन’
विराट कोहली के प्रवक्ता की ओर से जारी ऑफिशियल स्टेटमेंट में कहा गया, “हम स्पष्ट रूप से यह बताना चाहते हैं कि फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा द्वारा मिस्टर विराट कोहली के संबंध में किए गए दावे पूरी तरह से झूठे, निराधार और तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।”

प्रेमानंद महाराज जी के प्रति गहरी आस्था
बयान में आगे विराट कोहली के वृंदावन जाने और प्रेमानंद महाराज जी से मिलने की वजह को साफ करते हुए कहा गया, “मिस्टर विराट कोहली, प्रेमानंद महाराज जी के पास विशुद्ध रूप से अपनी गहरी आस्था और महाराज जी के प्रति अत्यधिक सम्मान के कारण जाते हैं। इसके पीछे कोई अन्य वजह नहीं है।”

मीडिया से जिम्मेदार रहने की अपील
इस विवादित बयान के सामने आने और सोशल मीडिया पर इसके वायरल होने के बाद, विराट कोहली की टीम ने मीडिया घरानों को भी नसीहत दी है। बयान में कहा गया, “हम इन दावों का कड़ा खंडन करते हैं और मीडिया से आग्रह करते हैं कि वे ऐसे बयानों को रिपोर्ट करने या उन्हें बढ़ावा देने से पहले पूरी सावधानी बरतें और तथ्यों की जांच करें। मीडिया को जिम्मेदारी से रिपोर्टिंग करनी चाहिए।”
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर फलाहारी महाराज दिनेश शर्मा का एक वीडियो या बयान चर्चा में था, जिसमें उन्होंने विराट कोहली और वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज जी से जुड़ी कुछ बातें कही थीं। चूंकि विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा अक्सर वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज जी का आशीर्वाद लेते रहते हैं, इसलिए इस बयान ने तुरंत तूल पकड़ लिया। अब कोहली के प्रवक्ता के इस आधिकारिक खंडन के बाद इस विवाद पर पूरी तरह से विराम लग गया है।




